उत्तर भारत का पुराजैव पर्यावरण (मौर्य युग से गुप्त युग तक)
₹550.00
उत्तर भारत का पुरोजैव पर्यावरण (मौर्य युग से गुप्त युग तक) भारतीय इतिहास के महत्वपूर्ण कालखंडों में उत्तर भारत के प्राकृतिक परिवेश, जलवायु, वनस्पति, जीव-जगत तथा मानव-पर्यावरण संबंधों का विस्तृत अध्ययन प्रस्तुत करती है। यह पुस्तक मौर्य से गुप्त काल तक के पर्यावरणीय परिवर्तनों और उनके सामाजिक, आर्थिक तथा सांस्कृतिक प्रभावों का शोधपरक विश्लेषण करती है
ISBN: 9788192587936
Author: डॉ. रामबिहारी उपाध्याय
Publisher: Shrinkhala Publishing House
Year: 2015
Description
उत्तर भारत का पुरोजैव पर्यावरण (मौर्य युग से गुप्त युग तक) डॉ. रामबिहारी उपाध्याय द्वारा रचित एक महत्वपूर्ण शोधपरक ग्रंथ है, जो प्राचीन उत्तर भारत के पर्यावरणीय इतिहास का व्यापक अध्ययन प्रस्तुत करता है। इस पुस्तक में मौर्य युग से लेकर गुप्त युग तक के कालखंड में प्राकृतिक संसाधनों, वनस्पति, जीव-जगत, जल स्रोतों, जलवायु तथा मानव-पर्यावरण संबंधों का विश्लेषण किया गया है।
लेखक ने उपलब्ध ऐतिहासिक, पुरातात्त्विक तथा साहित्यिक स्रोतों के आधार पर यह स्पष्ट करने का प्रयास किया है कि पर्यावरणीय परिस्थितियों ने उस समय के सामाजिक जीवन, आर्थिक गतिविधियों, कृषि व्यवस्था, व्यापारिक विकास तथा सांस्कृतिक संरचनाओं को किस प्रकार प्रभावित किया। पुस्तक प्राचीन भारतीय सभ्यता और पर्यावरण के अंतर्संबंधों को समझने के लिए एक महत्वपूर्ण संदर्भ सामग्री प्रदान करती है।






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