उत्तर भारत के क्षत्रियों का सामाजिक अध्ययन

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उत्तर भारत के क्षत्रियों का सामाजिक अध्ययन डॉ. गया प्रसाद सिंह द्वारा लिखित एक महत्वपूर्ण शोधपरक पुस्तक है, जिसमें उत्तर भारत के क्षत्रिय समुदाय के इतिहास, सामाजिक संरचना, सांस्कृतिक परंपराओं तथा राजनीतिक योगदान का विस्तृत अध्ययन प्रस्तुत किया गया है। यह पुस्तक क्षत्रिय समाज के विकास, सामाजिक परिवर्तन और भारतीय समाज में उसकी भूमिका को समझने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। इतिहास, समाजशास्त्र तथा भारतीय संस्कृति के विद्यार्थियों और शोधार्थियों के लिए यह एक उपयोगी संदर्भ ग्रंथ है।

ISBN: 9789395631181

Author: डॉ. गया प्रसाद सिंह

Publisher: Shrinkhala Publishing House

Year: 2024

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उत्तर भारत के क्षत्रियों का सामाजिक अध्ययन उत्तर भारत के क्षत्रिय समुदाय की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, सामाजिक संगठन, सांस्कृतिक परंपराओं तथा राजनीतिक योगदान का व्यापक एवं विश्लेषणात्मक अध्ययन प्रस्तुत करने वाली महत्वपूर्ण कृति है। लेखक डॉ. गया प्रसाद सिंह ने इस पुस्तक में क्षत्रिय समाज के उद्भव, विकास और विभिन्न ऐतिहासिक कालखंडों में उसकी भूमिका का गहन विवेचन किया है।

पुस्तक में प्राचीन भारतीय वर्ण व्यवस्था में क्षत्रियों की स्थिति, उनके सामाजिक दायित्व, प्रशासनिक भूमिका, सैन्य परंपराएँ तथा विभिन्न राजवंशों के माध्यम से भारतीय इतिहास में उनके योगदान का अध्ययन किया गया है। साथ ही, उत्तर भारत के विभिन्न क्षेत्रों में निवास करने वाले क्षत्रिय समुदायों की सामाजिक संरचना, पारिवारिक व्यवस्था, रीति-रिवाज, विवाह परंपराएँ, धार्मिक आस्थाएँ तथा सांस्कृतिक विरासत का भी विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है।

लेखक ने आधुनिक समय में सामाजिक परिवर्तन, शिक्षा, नगरीकरण, लोकतांत्रिक राजनीति तथा आर्थिक विकास के प्रभावों के संदर्भ में क्षत्रिय समाज के बदलते स्वरूप को भी रेखांकित किया है। पुस्तक यह समझने का प्रयास करती है कि परंपरा और आधुनिकता के बीच संतुलन स्थापित करते हुए यह समुदाय किस प्रकार अपनी सांस्कृतिक पहचान को बनाए रखता है।

यह कृति इतिहास, समाजशास्त्र, मानवशास्त्र, भारतीय संस्कृति तथा जातीय अध्ययन के विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं एवं सामान्य पाठकों के लिए अत्यंत उपयोगी है। उत्तर भारत की सामाजिक संरचना और क्षत्रिय समुदाय की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक भूमिका को समझने के लिए यह पुस्तक एक महत्वपूर्ण संदर्भ स्रोत के रूप में कार्य करती है।

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