नाट्यशास्त्र : एक परिचय
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नाट्यशास्त्र : एक परिचय डॉ. अनीता एवं डॉ. विनोद कुमार ‘स्वामी’ द्वारा रचित एक महत्वपूर्ण पुस्तक है, जो भारतीय नाट्य, नृत्य और संगीत परंपरा के आधारग्रंथ नाट्यशास्त्र का सरल एवं व्यवस्थित परिचय प्रस्तुत करती है। पुस्तक में भरतमुनि के नाट्यशास्त्र के प्रमुख सिद्धांतों, रस, भाव, अभिनय, रंगमंच, नृत्य तथा हस्तमुद्राओं का संक्षिप्त एवं सुबोध विवेचन किया गया है। यह पुस्तक कला, संस्कृति, रंगमंच एवं प्रदर्शन कलाओं के विद्यार्थियों तथा शोधार्थियों के लिए उपयोगी संदर्भ सामग्री है।
ISBN: 9789387932753
Author: डॉ. अनीता, डॉ. विनोद कुमार ‘स्वामी
Publisher: Shrinkhala Publishing House
Year: 2024
Description
नाट्यशास्त्र : एक परिचय भारतीय सांस्कृतिक परंपरा के महान ग्रंथ नाट्यशास्त्र को समझने के लिए एक प्रामाणिक एवं सरल मार्गदर्शक पुस्तक है। लेखक डॉ. अनीता तथा डॉ. विनोद कुमार ‘स्वामी’ ने इस कृति में भरतमुनि द्वारा प्रतिपादित नाट्यशास्त्र के मूल सिद्धांतों, उसकी संरचना तथा भारतीय प्रदर्शन कलाओं पर उसके प्रभाव का व्यापक परिचय प्रस्तुत किया है।
नाट्यशास्त्र भारतीय रंगमंच, नृत्य और संगीत की आधारशिला माना जाता है। इस पुस्तक में नाट्यशास्त्र की उत्पत्ति, उद्देश्य, रस सिद्धांत, भाव, अभिनय के प्रकार, नाट्यरूप, रंगमंच की संरचना, वाचिक एवं आंगिक अभिनय, नृत्य की परंपराएँ तथा हस्तमुद्राओं के महत्व का विस्तृत विवेचन किया गया है। पुस्तक यह स्पष्ट करती है कि नाट्यशास्त्र केवल नाटक का ग्रंथ नहीं, बल्कि भारतीय सौंदर्यशास्त्र, संस्कृति और कलात्मक अभिव्यक्ति का एक व्यापक दर्शन है।
ग्रंथ में शास्त्रीय नृत्य परंपराओं—विशेषतः भरतनाट्यम, कथक, कुचिपुड़ी, ओडिसी तथा अन्य भारतीय नृत्य शैलियों—पर नाट्यशास्त्र के प्रभाव को भी रेखांकित किया गया है। साथ ही, रस और भाव के माध्यम से दर्शकों तक कलात्मक अनुभव पहुँचाने की प्रक्रिया का भी विश्लेषण किया गया है।
यह पुस्तक नाट्यकला, संगीत, नृत्य, रंगमंच अध्ययन, भारतीय संस्कृति एवं कला इतिहास के विद्यार्थियों, शोधार्थियों तथा कला प्रेमियों के लिए अत्यंत उपयोगी है। भारतीय सौंदर्यशास्त्र और प्रदर्शन कलाओं की मूल अवधारणाओं को समझने के लिए यह एक महत्वपूर्ण संदर्भ ग्रंथ के रूप में कार्य करती है।






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