मथुरा में जैन धर्म : एक सिंहावलोकन
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मथुरा में जैन धर्म : एक सिंहावलोकन डॉ. विनय कुमार सिंह द्वारा लिखित एक महत्वपूर्ण शोधपरक कृति है, जिसमें मथुरा क्षेत्र में जैन धर्म के ऐतिहासिक विकास, सांस्कृतिक योगदान तथा पुरातात्त्विक साक्ष्यों का संक्षिप्त एवं सारगर्भित अध्ययन प्रस्तुत किया गया है। यह पुस्तक मथुरा को जैन धर्म के एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने वाले धार्मिक, कलात्मक और सामाजिक आयामों पर प्रकाश डालती है। जैन अध्ययन, इतिहास एवं भारतीय संस्कृति के विद्यार्थियों तथा शोधार्थियों के लिए यह एक उपयोगी संदर्भ ग्रंथ है।
ISBN: 9789395631921
Author: डॉ. विनय कुमार सिंह
Publisher: Shrinkhala Publishing House
Year: 2024
Description
मथुरा में जैन धर्म : एक सिंहावलोकन भारतीय धार्मिक एवं सांस्कृतिक इतिहास के एक महत्वपूर्ण अध्याय का अध्ययन प्रस्तुत करने वाली शोधपरक पुस्तक है। लेखक डॉ. विनय कुमार सिंह ने इस कृति में मथुरा क्षेत्र में जैन धर्म के उद्भव, विकास, प्रसार तथा उसके सांस्कृतिक प्रभावों का व्यापक विश्लेषण किया है।
मथुरा प्राचीन भारत के प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्रों में से एक रहा है। यह नगर केवल वैष्णव और बौद्ध परंपराओं के लिए ही नहीं, बल्कि जैन धर्म के विकास में भी अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान रखता है। पुस्तक में मथुरा में प्राप्त जैन मूर्तियों, अभिलेखों, स्थापत्य अवशेषों तथा पुरातात्त्विक प्रमाणों के आधार पर जैन धर्म की ऐतिहासिक यात्रा का पुनर्निर्माण किया गया है।
लेखक ने जैन तीर्थंकरों की प्रतिमाओं, जैन कला एवं मूर्तिकला की विशेषताओं, विभिन्न जैन संप्रदायों की उपस्थिति तथा मथुरा की सामाजिक-सांस्कृतिक संरचना पर उनके प्रभाव का विस्तृत विवेचन किया है। साथ ही, पुस्तक जैन धर्म के मूल सिद्धांतों—अहिंसा, अपरिग्रह, अनेकांतवाद तथा नैतिक जीवन मूल्यों—को ऐतिहासिक संदर्भों में समझने का अवसर प्रदान करती है।
यह पुस्तक इतिहास, पुरातत्व, धर्म अध्ययन, भारतीय संस्कृति तथा कला इतिहास के विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं और जैन धर्म में रुचि रखने वाले पाठकों के लिए एक मूल्यवान संदर्भ सामग्री है। मथुरा की धार्मिक विरासत को समझने और भारतीय सभ्यता में जैन धर्म के योगदान का मूल्यांकन करने के लिए यह कृति विशेष रूप से उपयोगी सिद्ध होती है।






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